क्या कहूँ में किसी से ,मेरे दिल क्या है ,एक छोटी-सी कशिश है ,सपनों का आशियाँ है
चाहत है ऐसे घर की ,जहाँ के दरवाज़ों पर केवल वफ़ा और इमान दस्तक देते हों ,
जहाँ की खिडकियों से केवल मुहोब्बत की हवा बहती हो ..................................
क्या कोई घर होगा ऐसा...???????????????